कांग्रेस बनाम महागठबँधन ! 2019 में ना तो राहुल गांधी और ना ही कांग्रेस नेता होंगे पीएम उम्मीदवार!!! यह वह महिला है जो प्रधान मंत्री का चेहरा हो सकती है।

Jul 26. 2018 78 views

आम चुनाव २०१९ से पहले कोंग्रेस की मुश्किलें कम होने के बजये बढ़ती जा रही है, इसका कारण है BSP चीफ़ मायावती !!! इस तथ्य को रेखांकित करने के दो दिन बाद कि, उनकी पार्टी भाजपा को सत्ता से हटाने के लिए अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग दलों के साथ गठबंधन बनाने की नीति का पालन कर रही है, बीएसपी प्रमुख मायावती ने कांग्रेस के साथ पूर्व चुनाव गठबंधन की शर्त के रूप में एक "सम्मानजनक" सीट साझा करने की माँग रखी है। बीएसपी प्रमुख ने मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में आने वाले विधानसभा चुनावों के संबंध में इन शर्तों को आगे बढ़ाया है। केंद्र में प्रधान मंत्री मोदी और उनकी बीजेपी सरकार को निशाना बनाते हुए, केंद्र में "गठबंधन सरकार" की भी मांग रखी  और कहा कि वर्तमान परिदृश्य में देश को 'मजबूर' सरकार की नहीं, 'मज़बूत' सरकार की आवश्यकता है। 

उन्होंने यह भी कहा की "केंद्र में गठबंधन सरकार होनी चाहिए जिससे हमेशा जनता और देश के हित में काम करने के लिए सरकार को  मजबूर किया जा सकता है और जिसके चलते सरकार एक तानाशाह की तरह व्यवहार नहीं कर सकती है। "कुछ कांग्रेस नेता जो मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनावों के लिए बीएसपी के साथ गठबंधन के संबंध में मीडिया में अक्सर विभिन्न प्रतिक्रियाएं देते हैं, पार्टी उन्हें स्पष्ट करती है कि बीएसपी इन राज्यों में कांग्रेस के साथ गठबंधन तभी करेगी जब हमारी पार्टी को गठबंधन में सीटों की सम्मानजनक संख्या दी जाती है। 

मायावती ने संकेत दिया की "सम्माजनक " सीट साझा करने की व्यवस्था में विफलता, बसपा को स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने पर मजबूर करेगी, जिसके लिए उनकी पार्टी सदेव तैयार है। उन्होंने कहा, बसपा आगामी चुनावों में तीन राज्यों की सभी सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। पिछले हफ्ते एक संगठनात्मक पुनर्स्थापन में, उन्होंने विधानसभा चुनावों की तैयारी के पर्यवेक्षण के लिए वरिष्ठ नेताओं को नियुक्त किया है।

मायावती ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा की उनकी पार्टी "किसी भी पार्टी" के साथ गठबंधन में चुनाव तब ही लड़ेगी जब उनकी पार्टी को सीटों की सम्मानजनक संख्या दी जाएगी। वह और  उनकी पार्टी किसी भी  कीमत पर इन शर्तों पर समझौता करने को तैयार नहीं हैं। बीएसपी पार्टी कर्नाटक में जेडी (एस) और हरियाणा में आईएनएलडी के साथ गठबंधन में प्रवेश कर चुकी है।

हाल के राजनीतिक उथल पुठल से साबित होता है कि पूरे विपक्ष ने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को एक सर्वोच्च नेता के रूप में स्वीकार कर लिया है जिसे हिलाया तो जा सकता है लेकिन उखाड़ा जा सकना नामुमकिन सा दिखाई पढ़ रहा है, मायावती और ममता बनर्जी प्रधानमंत्री पद की दौड़ में शामिल ज़रूर है पर देश की जनता उनके इस दावे को कितना महत्व देती है यह तो आने वाला समय ही बताएगा। 

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